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कुर्मी सम्राट द्वारा बनाए गए विशाल हिंदू मंदिर

कुर्मी समाज जो कि भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की प्राचीनतम नश्ल रही है जिसने दक्षिण एशिया पर शासन किया आज हम सभी  जानेंगे कुर्मी सम्राट द्वारा बनाए गए कुछ विराट अद्भुत हिंदू मंदिरों के बारे में जिसका बारे में जानना । हमारे आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि आज हम सभी अपने इतिहास को बोल गए हैं । अंकोरवाट अंकोरवाट दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर जिसका निर्माण कर्म सम्राट सूर्यवर्मन ने कराया था । वर्तमान समय का कंबोडिया जिसे की हमारे हमारे हिंदू पुराणों में कंबोजों से  जोड़ा गया  है वहां पर विश्व का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर अंकोरवाट स्थित है अंकोरवाट का मंदिर पूर्णता विष्णु भगवान को समर्पित था क्योंकि सूर्यवर्मन || एक वैष्णव हिंदू थे अंकोरवाट मंदिर यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर में शामिल किया गया है अंकोरवाट भारतीय संस्कृति इतिहास का एक गौरवशाली प्रमाण है कि कि प्रत्येक भारतीय को अवश्य देखना चाहिए।  बृहदेश्वर मंदिर तंजावुर स्थित बृहदेश्वर मंदिर विश्व के सबसे बड़े विराट मंदिरों में से एक है इसका निर्माण चोल वंश के राजा राज राज चोलम  प्रथम न...

अनुप्रिया पटेल बन सकती है उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री

लोकसभा 2019 के परिणामों के आने के बाद तस्वीर साफ हो गई है की उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग का समाजवादी पार्टी तथा अन्य ओबीसी के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टियों पर भरोसा फूट गया है।  अपना दल उत्तर प्रदेश की राजनीति में मजबूती से खड़ी होते दिख रही है अपना दल की नेत्री अनुप्रिया पटेल अब पिछड़ा का नेतृत्व करते दिख रही हैं । पूरा ओबीसी समाज विशेषकर कुर्मी समाज अनुप्रिया पटेल व अपना दल पर भरोसा दिखा रहा है । अनुप्रिया पटेल उनकी पार्टी अपना दल ओबीसी तथा दलित समाज से संबंधित रोस्टर का मुद्दा सत्ताधारी पार्टी के सामने रखा तथा ओबीसी समाज के ऐतिहासिक पुरुषों को सही सम्मान दिलाने में भी सहयोग किया जिसकी वजह से अब उत्तर प्रदेश की आबादी का 50  प्रतिशत से ज्यादा ओबीसी समाज अपना दल के साथ आ गया । भारतीय जनता पार्टी द्वारा अनुप्रिया पटेल को मंत्री ना बनाए जाने के बाद के बाद पूरा दलित ओबीसी विशेषकर कुर्मी समाज गुस्से से भरा है । कुर्मी समाज जो कि अपना दल एस का पारंपरिक वोट है पर उनके छोटा जनाधार को देखते हुए कुर्मी ने कभी भी उन पर भरोसा नहीं जताया अब समय बदल गया है अपना दल लगातार विस्तार क...

लद्दाख चोटी पर तिरंगा फतह करने वाली बेटी काजल पटेल माननीया मंत्री अनुप्रिया पटेल जी के प्रयासों से कर रही है विशेष ट्रेनिंग कोर्स : अबकी तैयारी एवरेस्ट फतह करने की |

लद्दाख चोटी पर तिरंगा फतह करने वाली बेटी काजल पटेल माननीया मंत्री अनुप्रिया पटेल जी के प्रयासों से कर रही है विशेष ट्रेनिंग कोर्स : अबकी तैयारी एवरेस्ट फतह करने की | अब माउण्ट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचेंगी काजल पटेल ! अंतर्राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी निधी सिंह पटेल के बाद मिर्जापुर की एक और बेटी काजल पटेल ने अपने माता-पिता के साथ पुरे कुर्मी समाज का नाम रोशन कर रही है! जल्द ही माउंट एवरेस्ट की चढाई पुरी करने के बाद काजल पटेल भी अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही बन जाएगी!  ! खेल मंत्रालय ने दी स्वीकृति  समुद्र तल से 18 हजार फीट की ऊंचे लद्दाखी चोटी पर तिरंगा फहराकर देश और प्रदेश में अपना नाम रोशन करने वाली पर्वतारोही काजल पटेल आजकल 29 हजार फीट यानी माउंट एवरेस्ट फतह करने की तैयारी अरुणांचल प्रदेश में जोरों सोरों से कर रही है.|  मिर्जापुर से सांसद व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने की मदद मिर्जापुर से सांसद व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पहल पर लद्दाखी चोटी पर झंडे गाड़ने वाली काजल को माउण्ट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए एक विशेष...

मिलाते है नए अविष्कारक विरल पटेल जी से : Ultrasonic dryer Inventor Mr. Viral Patel

सोचिए, आपको कहीं खास जगह सज-धजकर जाना हो, और बारिश का मौसम होने की वजह से आपके धुले हुए कपड़े सूखे ही न हों, तो कितना गुस्सा आता है...  Ultrasonic dryer Viral Patel लेकिन अब अमेरिका के टेनेसी राज्य में स्थित ओक रिज नेशनल लैबोरेटरी के भारतीय-अमेरिकी रिसर्च व डेवलपमेंट एसेसिएट विरल पटेल और उनकी टीम ने एक ऐसा कपड़े सुखाने का यंत्र बना डाला है, जो बड़े से बड़े कपड़ों के ढेर को सुखाने में न सिर्फ ज़्यादातर मौजूदा ड्रायरों की तुलना में आधा वक्त लेता है, बल्कि बिजली की खपत भी लगभग पांच गुना कम होगी... अपने अल्ट्रासोनिक ड्रायर के बारे में नॉक्सविले न्यूज़ सेंटिनेल से बात करते हुए विरल पटेल ने बताया, "यह बिल्कुल नई सोच है... इसमें हमने कपड़ों में मौजूद नमी (पानी के कण) को भाप बनाकर उड़ाने के स्थान पर उसे तकनीकी तौर मशीन के ज़रिये कपड़े में से निकाला है..." विरल पटेल के मुताबिक, ज़्यादातर परंपरागत ड्रायर आमतौर पर सीधी-सी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं - आसपास की हवा को भीतर खींचा जाता है, और वह हीटर या गैस बर्नर से गुज़रती हुई गर्म होकर एक ड्रम में पहुंचती है, जहां क...

जाने महान क्रांतिवीर अमर शहीद गुलाब सिंह जी पटेल जी के बारे में

अमर शहीद गुलाब सिंह जी पटेल ************************ 1942 के "भारत छोड़ो" आंदोलन में बुदेलखंड -महाकौशल से अपनी प्रथम शहादत देने वाले अमर शहीद गुलाब सिंह पटेल का जन्म मध्यप्रदेश के जबलपुर में उपनगर गोरखपुर के पंसारी मुहल्ले में 14अगस्त 1926 को हुआ था ! उनके पिता का नाम लक्ष्मण सिंह पटेल और माता का नाम श्रीमती बेटी बाई पटेल था ! बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा और मेधा संपन्न गुलाब सिंह पटेल ने माञ 13 बर्ष की आयु से ही सार्वजनिक जीवन में भाग लेना प्रारंभ कर दिया था ! उन्होंने "विद्यार्थी समिति" नामक संगठन बनाकर जबलपुर के छात्रों मैं राष्ट्रीय चेतना का संचार किया ! जबलपुर नगर तत्कालीन समय में राष्ट्रीय चेतना का गढ़ होने के कारण वह अल्प आयु में ही महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, पंडित जवाहरलाल नेहरू ,सरदार पटेल जैसे नेताओं के सीधे संपर्क में आ गए ! अगस्त 1942 भारत छोड़ो आंदोलन में जबलपुर के महाराष्ट्र हाई स्कूल की कक्षा 10 में अध्ययनरत गुलाब सिंह पटेल ने 10 अगस्त को जबलपुर के गोल बाजार में छात्रों की विशाल सभा की ! उसके बाद वे जबलपुर स्थित...

37% कृषक-कुर्मी कुल वंसजों का क्यूं आज राजनितिक वजूद हासिये पर है ? पढ़े इस विवेचना को और अपने विचार कमेन्ट में जरुर लिखे

"भारत एक कृषि प्रधान देश है |" यह लाइन देश का हर युवा अपने जीवन में ना जाने कितनी बार लिखा और पढ़ा होगा अपने स्कूल के दिनों में | यह लाइन पूर्णत: सत्य है | जितनी कृषि योग्य भूमि एवं जलवायु भारत देश में है उतनी विरले ही देश में होगी | पुरातन समय से कर्म आधारित जातियों में से कृषक समाज की एक महत्वपूर्ण कड़ी रही है | यह प्रजाति स्वाभिमानी मेहनतकश एवं भूस्वामी रही है | कुर्मी - देश की आबादी का लगभग 37% प्रतिनिधित्व करते हैं। वे भारत के विभिन्न राज्यों के विभिन्न नामों में फैले हुए हैं। उत्तर-पूर्व राज्यों के अलावा, वे अन्य राज्यों में एक प्रमुख जाति हैं। आज यह प्रत्येक राज्य में आर्थिक परिदृश्य में अलग अलग कैटागिरि में सूचीबद्ध है | कुछ पिछड़े राज्यों में यह SC/ST में भी आती है |कुछ में OBC में तो कही सामान्य में आते है | कृषक जाति ने वास्तव में देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज देश की राजनितिक उथल पुथल ने कृषको को हासिये पर लाकर खड़ा कर दिया है | आज़ादी के बाद से सरकारें बदलती रही पर किसान के हालत में कोई सुधार नहीं हुआ । किसान स्वयं हमेशा ही र...

ज़रूर पढ़े उत्तर प्रदेश का भ्रमित कुर्मी समाज को दशा और दिशा देने वाला लेख : शासक कौम बनना है या गुलाम ?

उत्तर प्रदेश का भ्रमित कुर्मी समाज को दशा और दिशा देने वाला लेख : शासक कौम बनना है या गुलाम ? उत्तर प्रदेश का भ्रमित कुर्मी समाज की दशा और दिशा साथियो दुनियां में दो प्रकार की कौमे होती हैं एक कौम जो दिमाग से निर्णय लेती है और दूसरी वो जो दिल से सोचती और निर्णय लेती है। जो कौमे दिमाग से निर्णय लेती हैं वो शासक बन जाती हैं और जो दिल से निर्णय लेती है वह सत्ता से दूर चली जाती है क्यों कि सत्ता दिमाग का खेल है जो दिल से खेल के जीता नही जा सकता। इसीलिए इस देश मे संख्या बल में बहुत कमजोर वर्ग सत्ता में काविज रहता है और संख्या बल में ताकतवर वर्ग भी सत्ता से दूर है और विकास में पिछड़ जाता है क्यों कि सत्ता ही विकास की चावी है, जब कि जनतंत्र में होना इसके उलट चाहिए। आखिर यह गलती क्यों हो रही है और इस गलती को कैसे सुधारा जा सकता है। इसे समझने का प्रयास करते हैं। राजनीति एक ऐसा खेल है जो दिमाग से खेला जाता है और सत्ता तक पहुंचने के लिए परिस्थियों के अनुसार समय समय पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचकर कड़े फैसले भी लेने पड़ते हैं, और जो कौमे भावनाओं में उलझकर, बुद्धि का प्रयोग न करके कि...